डिग्री नकली है, नही दिखा सकता

पीएम मोदी की डिग्री सार्वजनिक करने का आदेश देने वाले सूचना आयुक्त को पद से हटाया

मंगलवार को जारी आदेश में कहा गया है कि काम में बंटवारे को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। संबंधित उप रजिस्ट्रार को निर्देश दिया गया है कि वह अचार्युलु को लंबित सभी मामलों की सुनवाई के लिए जारी की गई फाइलों को संबंधित रजिस्ट्री के पास हस्तांतरित करें।

1978 में दिल्ली विवि से बीए पास करने वाले छात्रों के बारे में रिकॉर्ड सार्वजनिक करने के आदेश देने के तुरंत बाद मुख्य सूचना आयुक्त ने सूचना आयुक्तों के बीच कामों के बंटवारे में बदलाव वाला आदेश जारी कर दिया।

इसमें कहा गया है कि मुख्य सूचना आयुक्त ने कामों में बंटवारा किया है। कानून के मुताबिक केंद्रीय सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के पास प्रशासनिक शक्तियां हैं और वही आयुक्तों के बीच कामों का बंटवारा करता है।

दिल्ली विवि को 1978 के रिकॉर्ड सार्वजनिक करने के आदेश सामने आने के दो दिन के भीतर ही आयोग में यह बदलाव हुआ है। वैसे आठ जनवरी को मीडिया में आया यह फैसला 21 तारीख का है।

नीरज नामक व्यक्ति की अपील पर अचार्युलु ने डीयू से 1978 में बीए की परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की संख्या, उनके नाम और पिता का नाम, क्रमांक संख्या और प्राप्त अंक की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा था। इसी साल मोदी ने भी ‌इस विवि से बीए की परीक्षा पास की थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 1978 में दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की परीक्षा पास करने संबंधी रजिस्टरों को सार्वजनिक करने का आदेश देने वाले सूचना आयुक्त श्रीधर अचार्युलु को उनके पद से हटा दिया गया है। गौरतलब है कि मुख्य सूचना आयुक्त अचार्युलु से मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जुड़े मामले वापस ले‌कर उनकी भूमिक बदल दी गई है।

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